इंफ्रास्ट्रक्चर
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पत्राचार पाठ्यक्रम


पत्राचार पाठ्यक्रम के अंतर्गत अधिकतम २०० सीट प्रथम वर्ष हेतु तथा समान संख्या में द्वितीय वर्ष हेतु निर्धारित है इनमें से २५ प्रतिशत सीट शासकीय सेवा में पदस्थ शिक्षक/शिक्षिकाओं हेतु आरक्षित है। सत्र २००९ - २०१० में संस्थान में प्रथम वर्ष हेतु २०० तथा द्वितीय वर्ष हेतु 187 कुल 387 प्रतिभागियों ने पंजीयन करवाया है पंजीयन हेतु मुख्य शर्त प्रतिभागी को शासकीय/अशासकीय शाला में पूर्णकालिक शिक्षक के पद पर निरंतर कार्य करने का २ वर्षो का अध्यापन अनुभव होना आवश्यक है।

डी.एड. पाठ्यक्रम के अंतर्गत छात्राध्यापक/छात्राध्यापिकाओं को सूक्ष्म शिक्षण प्रक्रिया से अवगत कराने के साथ-साथ उनके द्वारा हरर्वट के द्वारा दी गयी पाठ्योजना प्रस्तुती की पंच पदीय प्रक्रिया के माध्यम से प्रथम वर्ष में गणित और हिन्दी विषय के २०-२० तथा द्वितीय वर्ष में अंग्रेजी/संस्कृत अथवा उर्दू और विज्ञान/सामाजिक विज्ञान प्रत्येक विषय हेतु 1१०-१० कुल ४० पाठ को प्रदर्शन किया जाता है।
प्रतिभागियों का मूल्यांकन सैद्धांतिक तथा व्यावहारिक पक्ष के तहत किया जाता है जहां सैद्धांतिक पक्ष के अंतर्गत छात्राध्यापक/छात्राध्यापिकाओं के मूल्यांकन हेतु प्रत्येक वर्ष उन्हे ६-६ विषयों के साथ परीक्षा में सम्मिलित होना होता है -

    प्रथम वर्ष

   द्वितीय वर्ष

  • विकासोन्मुख भारतीय समाज में शिक्षा और शिक्षक की भूमिका
  • बाल मनोविज्ञान
  • विद्यालय प्रबंधन और नियोजन
  • बालकेन्द्रित शिक्षा और शैक्षिक प्रौद्योगिकी
  • हिन्दी भाषा शिक्षण
  • गणित एवं उसकी शिक्षण विधियां
  • शिक्षा मनोविज्ञान
  • पोषण स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा
  • द्वितीय भाषा अंग्रेजी
  • तृतीय भाषा संस्कृत एवं उसकी शिक्षण गतिविधियां
  • सामाजिक विज्ञान एवं उसका शिक्षण
  • विज्ञान तथा पर्यावरणीय शिक्षा एवं उसका शिक्षण
     
 
 
 

 

 

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